प्याज की खेती से मात्र 6 महीनों में कमायें 1 लाख रुपये – Pyaj Ki Kheti

Pyaj Ki Kheti कैसे करें: प्याज की खेती लगभग 5 हजार सालों से भी पहले से की जा रही है। इसको अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसमें गंधक यौगिक वाले गुण पाए जाते हैं जिसके कारण इसमें स्वाद व तीखापन होता है। प्याज की डिमांड भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है। प्याज का वैज्ञानिक नाम ”ऐलियस सेपा” है। प्याज खून को पतला करता है जिसके कारण कई डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं। वहीं हजारों सालों से प्याज की फसल का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है। प्याज रेडियशन को कम करने में भी काफी सहायक है। हालांकि जब बात लू की आती है तो सबसे पहला घरेलू उपाय में प्याज ही आता है।

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प्याज की खेती

प्याज की खेती करने के लिए पानी की उचित व्यवस्था होना बेहद आवश्यक है क्योंकि कम पानी की वजह से इसका आकार छोटा रहता है जिससे आपको काफी घाटा हो सकता है। प्याज की फसल मुख्य रूप से भारत के UPमहाराष्ट्र तथा MP जैसे कई राज्यों में उगाई जाती है। इसकी खेती से आप काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। क्योंकि ये एकमात्र ऐसी खेती है जिसकी डिमांड साल के हर दिन व हर महीने रहती है। आज इस आर्टिकल में हम आपको Pyaj Ki Kheti (प्याज की खेती कैसे करें) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वाले हैं। तो अगर आप भी Onion Farming In Hindi से सम्बंधित जानकारी चाहते हैं तो हमारे साथ इस आर्टिकल के साथ बनें रहें।

प्याज की खेती के लिए जलवायुमिट्टी व तापमान – Suitable Climate, Soil and Temprature For Onion Farming

प्याज की खेती के लिए गर्मी व सर्दी दोनों में की जाती है। कई राज्य भारत में ऐसे हैं जहां पर इसकी खेती सर्दी में की जाती है तो वहीं कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां इसकी खेती गर्मी में की जाती है। लेकिन अगर आप प्याज की फसल से अच्छा खासा मुनाफ़ा कमाना चाहते हैं तो मार्च-अप्रैल-मई-जून-जुलाई-अगस्त इसके लिए सबसे उपयुक्त महीने हैं। ठंड में भी आप इसकी फसल लगा सकते हैं लेकिन उस समय का पाला आपके प्याज को खराब कर देगा जिससे आपको एक अच्छा Production नहीं मिल पायेगा। प्याज की खेती के लिए न्यूनतम Temprature 15 व अधिकतम Temprature 30℃ होना जरूरी है।

प्याज की खेती वैसे भारत के लगभग सभी हिस्सों में की जाती है तो आप इसे किसी भी तरह की मिट्टी में उगा सकते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों द्वारा शोध में बताया गया है कि प्याज की फसल बलुई दोमट मिट्टी में सबसे बढ़िया होती है। वहीं इसके लिए मिट्टी का PH लेवल भी 7 के आसपास होना जरूरी है। इसके साथ ही प्याज की खेती के लिए पानी की भी काफी जरूरत रहती है। लेकिन अगर कोई ऐसी जमीन है जहां पर पानी का सही से निकासी नहीं होती वहां पर इसकी खेती करना बेकार है। क्योंकि ऐसा करने से प्याज की फसल सड़ने लगेगी तथा मुनाफ़ा की बजाय आपको घाटा हो जाएगा।

प्याज की फसल की उन्नत क़िस्में (Best Variety For Tomato Farming)

दोस्तों जैसा कि आपको ये तो पता ही होगा कि आजकल बाजार में कितनी Variety मौजूद है। आम आदमी अगर प्याज की खेती करना चाहे तो वो वैरायटी देखकर ही असमंजस में पड़ जायेगा। क्योंकि इतनी Variety में से एक अच्छी चुनना आपके लिए काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन हम आपको उन्हीं किस्मो के बारे में बताएंगे जोकि वैज्ञानिकों द्वारा सिलेक्टेड हैं तथा जिनकी खेती लोग सबसे ज्यादा कर रहे हैं। आईये जानते हैं –

1रबी प्याजअगर आप प्याज की फसल लगाने की सोच रहे हैं तो आपको सही किस्म का चुनाव करना बेहद जरूरी है। अगर आप रबी फसल सीजन के दौरान खरीफ प्याज लगा देते हैं तो ऐसे में आपका प्याज उगेगा ही नहीं या फिर उसे आपको बेहद ही कम Profit होगा। रबी प्याज एक ऐसी किस्म है ठंड के दौरान उगाई जाती है। इसको नवंबर-दिसंबर के दौरान लगाया जाता है। इससे काफी अच्छी पैदावार प्राप्त होती है। रबी प्याज के अंतर्गत आने वाली प्याज की किस्मों में एग्रीफाउंड लाइट रेड, एग्रीफाउंड रोज, भीमा रेड व पूसा रेड शामिल है।
2खरीफ प्याजप्याज की ये प्रजाति गर्मी के दौरान जून-जुलाई में लगाई जाती है। इसमें भी Production काफी अच्छा मिलता है तथा इसको ही ज्यादातर लोग लगाना उचित समझते हैं। खरीफ प्याज के अंतर्गत आने वाली प्याज की उन्नत किस्मों में भीमा सुपर, एग्रीफाउंड डार्क रेड और भीम डार्क रेड शामिल है। इनमें से आप अपने हिसाब से किसी भी किस्म को लगा सकते हैं।

 

प्याज के लिए खेत कैसे तैयार करें (pyaj ki kheti)

प्याज की फसल सबसे ज्यादा निर्भर करती है कि आप किस तरह अपने खेत की तैयारी करते हैं। प्याज की खेती के लिए सबसे पहले आपको अपने पूरे खेत मे करीब 15 टन प्रति एकड़ के हिसाब से गोबर (Organic Fertilizer) डाल देना है। उसके बाद आपको आपको इसे अच्छी तरह से पूरे खेत मे मिला देना है। इसके साथ ही आप NPK 20KG प्रति एकड़ के हिसाब से उसमें डाल दें तथा एक बार फिर से खेत की अच्छे से जुताई कर दें। अब इस खेत को समतल करके करीब 15 दिनों के लिए खाली छोड़ दें।

इसके बाद आपको 10*10 की क्यारियां बनानी हैं जिसके अंदर आपको पंक्तियों में प्याज की प्लांटेशन करना है। आप एक 10*10 की क्यारी के अंदर करीब लहसुन की प्लांटेशन की तरह ही प्याज लगा सकते हैं। एक प्याज के पौधे से दूसरे पौधे की दूरी करीब 5 से 7CM के आसपास होना आवश्यक है। अगर आप दूरी कम रखेंगे तो इससे आपके प्याज का आकार नहीं बन पाएगा। जिसके कारण आपकी Onion Yield Production पर काफी असर पड़ेगा। इसलिए उचित दूरी हमेशा रखें।

प्याज की खेती के लिए सिंचाई (Irrigation For Onion Farming In Hindi)

प्याज की फसल लगाने से पहले पानी की उचित व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। अगर आपके पास पानी काफी कम मात्रा में हैं तो मैं आपको सुझाव दूंगा की आप प्याज की फसल से दूर रहें। क्योंकि प्याज में तभी आकार बनता है जब उनको सही व उचित मात्रा में पानी दिया जाए। प्याज लगाने के बाद हर रोज़ सुबह या शाम उसको अच्छी तरह से पानी दें। इसके साथ ही उससे खरपतवार भी निकालते रहें।।लेकिन जब प्याज के पौधे में प्याज बनना शुरू हो जाये उस समय हफ्ते में एक बार खूब मात्रा में पानी दें। उस समय आप जितनी अच्छी तरह से प्याज की सिंचाई करेंगे आपको उतना ही लाभ मिलेगा।

प्याज की फसल में लगने वाले रोग

प्याज की फसल में ज्यादा रोग नहीं लगते हैं। लेकिन अगर आपके आस-पास किसी अन्य व्यक्ति की फ़सल में रोग लगते हैं तो काफी ज्यादा संभावना है कि आपकी फसल में भी वो रोग लगने लगेंगे। प्याज की फसल में मुख्य रूप से दो ही रोग आते हैं :-

·         सड़नगलन रोग तथा जड़ सड़न रोग। अगर आपकी पौधे की जड़ सड़ रही हों तो हो सकता है कि आपने उसकी अत्यधिक सिचाई कर दी हो। ऐसे में आप कार्बेन्डाजिम से उस रोग को भगा सकते हैं।

·         दूसरा रोग है सड़नगलन रोग जिसमें आपका व उसकी पत्तियां गलने लगती है। इसका एक कारण ये भी हो सकता है कि आपने ज्यादा यूरिया या NPK डाल दी हो या फिर जलवायु के बदलाव के कारण भी ऐसा हो सकता है। इस रोग से बचाव के लिए आपको थीरम की 0.2% का छिड़काव कर देना है।

प्याज से मुनाफ़ा व खुदाई (Onion Farming Benefits & Harvesting)

pyaj ki kheti से मुनाफ़ा तो काफी हो जाता है लेकिन ये निर्भर करता है कि मार्किट में क्या रेट चल रहा है। क्योंकि कई बार मंडी में प्याज एकदम कम रेट में बिकता है इससे आपको काफी Loss हो सकता है।।लेकिन जैसे आपको पता है कि कई बार प्याज सोने के भाव बिकता है तो ऐसे में आप उतने ही क्वांटिटी से करीब 10 गुना तक बेनिफिट कमा सकते हैं। लेकिन 15 रुपये प्रति किलो से कम आपका प्याज नहीं बिकता है। इसलिए अगर आप 5 टन माल भी निकालते हो तो 75,000 रुपये से कम नहीं बिकेगा।

अब बात करते हैं कि आपको कैसे पता चलेगा कि अब प्याज की खेती खुदाई के लिए तैयार है। दरअसल इसका एक साधारण सा तरीका है कि जब आपके प्याज के पौधे की पत्तियां पीली पड़ जाती है तब आपको एक प्याज निकालकर देखना है। अगर आपका सही साइज बना है तथा आपको लग रहा है कि प्याज मार्किट के लिए रेडी है तो आप उसकी खुदाई कर सकते हैं। लेकिन सामान्यतः प्याज की खुदाई रोपण के करीब 5 से 6 महीने के अंदर हो जाती है।

तो दोस्तों इस तरह हमनें आपको ”Onion Farming In Hindi – प्याज की खेती कैसे करते हैं” में संपूर्ण जानकारी दे दी है। अगर इसके बावजूद भी आपका कोई सवाल या सुझाव रहता है तो कमेंट जरूर करें।

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