भिंडी की वैज्ञानिक खेती से करें लाखों का मुनाफा – Bhindi Ki Kheti

Bhindi Ki Kheti: भिंडी एक ऐसी सब्ज़ी जोकि लगभग हर घर में बड़े चाव से खाई जाती है और यह लगभग सभी लोगों की पसंदीदा सब्ज़ी भी है। इसमें न्यूट्रिशन वैल्यू तो होती ही है लेकिन इसके साथ ही इसका स्वाद इतना बेहतरीन होता है कि इसका आप अन्दाज़ा भी नहीं लगा सकते हैं। भिंडी को लगभग हरेक घर में बनाया जाता है तथा डॉक्टरों द्वारा भी इसे खाने की सलाह दी जाती है। यही कारण है कि आप भिंडी की खेती से लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं।

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भिंडी की खेती

भिंडी में मुख्य रूप से कैल्शियम व फॉस्फोरस होता है जिसकी जरूरत आजकल हर व्यक्ति के शरीर को होती है। एक रिपोर्ट के अनुसार आजकल हर तीसरा व्यक्ति कैल्शियम की समस्या से जूझ रहा है और आप भिंडी यानि कि Lady Farming In Hindi को करके लाखों रुपये भिंडी खेती से कमा सकते हैं।

भिंडी की खेती एक ऐसे खेती है जिसमें लागत बेहद कम आती है तथा मुनाफा लगभग 10 गुना से भी अधिक होता है। यहां तक कि अगर आप भिंडी की वैज्ञानिक या आधुनिक खेती करते हैं तो आप इन मुनाफे को और अधिक भी बड़ा सकते हैं। आज भिंडी की खेती कैसे करते हैं? भिंडी की खेती करने का तरीका क्या है? भिंडी की बुआई, कटाई व मुनाफा से सम्बंधित हम आपको सारी जानकारी देने वाले हैं। इसलिए इस लेख को ध्यान से व अंत तक जरूर पढ़ें।

भिंडी की खेती के लिये तैयारी – बुआईरोपाई (Bhindi Ki Kheti)

भिंडी की खेती लगभग 3 से 4 महीने की ही खेती होती है इसलिए इस खेती में आपको कम समय में अधिक मुनाफा होता है। लेकिन भिंडी को साल में दो ऋतु में उगाया जाता है जोकि हैं ग्रीष्म तथा खरीफ। यह फसल सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश में उगाई जाती है और वहीं से पूरे भारत में इसका ट्रांसपोर्ट किया जाता है। भिंडी की खेती करने के चरण इस प्रकार हैं –

·         Bhindi Ki Kheti करने के लिए सबसे पहले आपको खेत को समतल या फिर जुताई करने की जरूरत पड़ती है। एक बात अवश्य ध्यान दें कि लेडी फार्मिंग की खेती के लिए एक उचित पानी की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही अगर आपकी जमीन का PH लेवल 7.8 से अधिक है तो उसमें आप भिंडी की कृषि नहीं कर सकते हैं। इसके लिए फिर आपको अपना PH लेवल मेंटेन करना होगा जिसके लिए आप चुना का प्रयोग कर सकते हैं।

·         जब खेत पूरी तरह से समतल हो जाये उसके बाद आपको उसमें पंक्तियां बनानी पड़ती है तथा एक पंक्ति से दूसरी पंक्ति की दूसरी लगभग 1.5 (डेड) फ़ीट रखें।

·         फिर आपको हर पंक्ति में भिंडी के छोटे-छोटे पौधे लगाने होते हैं लेकिन ध्यान रखें कि पौधे से पौधे की उचित दूरी हो तथा इसके साथ ही जो आप पौध लगाओगे वो ज्यादा छोटी न हो। हमेशा भिंडी की फार्मिंग के लिए एकदम उच्च क्वालिटी के पौधे ही खरीदें।

·         जब एक बार आप भिंडी की फसल लगा लें तो उसके बाद लगभग 1 महीने तक उसकी अच्छी देखभाल करें। उसको 2 समय पानी दें तथा उसमें से खरपतवार निकालते रहें।

·         इसके साथ ही भिंडी के पौधे लगाने के करीब 10 दिनों बाद उसमें ब्लू कॉपर की हल्की सी छिड़काव जरूर करें। क्योंकि भिंडी की फसल रोग ग्रसित काफी जल्दी होती है लेकिन अगर आपके आसपास का वातावरण व तापमान जल्दी नहीं बदलता है तो ऐसे में आपको कोई भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।

·         भिंडी की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु लगभग सामान्य ही मानी जाती है। इसके साथ ही लेडी फिंगर फार्मिंग ज्यादातर नमीं वाले इलाकों में ही कि जाती है। वहीं इसके लिए दोमट व बलुई मिट्टी को सबसे उपयुक्त माना गया है। भिंडी की खेती के लिए तापमान 25 से 30 डिग्री तक सही रहता है अगर इससे अधिक तापमान जाता है तो भिंडी का प्रोडक्शन काफी कम होने की संभावना रहती है।

भिन्डी की खेती के लिए खाद उर्वरक

दोस्तों जैसा कि हमनें आपको पहले भी बताया कि वैसे भिंडी में रोग तो आते हैं लेकिन इतने ज्यादा नहीं आते हैं। इसमें लगने वाले रोग होते हैं फल छेदक, सफेद मक्खी व गलन है। इन सभी रोगों का नियंत्रण आप आसानी से कम पैसे में कर सकते हैं। आईये जानते हैं भिंडी की फसल के लिए उर्वरक व खाद :-

·         गोबर – 2 टन प्रति एकड़

·         NPK – 25Kg प्रति एकड़

·         ब्लू कॉपर आवश्यकता अनुसार

·         मेंकोजेब (जरूरत अनुसार)

भिंडी की उत्तम किस्में

1.    पंजाब – 7

2.    Pusa A4

3.    वर्षा उपहार

4.    परभानी क्रांति

5.    अर्का अभय

6.    अनामिका

ये सभी भिंडी की फसल के लिये काफी अच्छी किस्में हैं। आप इनमें से किसी का भी चुनाव करके भिंडी की फसल से काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं।

भिंडी फसल की कटाई व तुड़ाई

भिंडी की फसल लगभग 2 महीने के अंदर मार्किट के लिए तैयार हो जाती है। यही नहीं इसका भाव भी काफी अच्छा मिलता है। लेकिन आपको ध्यान रखना है कि अगर आप भिंडी की खेती कर रहे हैं तो उसकी तुड़ाई हमेशा शाम को कड़ें तथा अगले दिन आप उसे मार्किट में पहुंचा सकते हैं। दिन के समय भिंडी की फसल के साथ बिल्कुल भी छेड़छाड़ न करें इससे आपके प्रोडक्शन पर काफी असर पड़ सकता है। अगर आपको भिंडी की तुड़ाई का सही समय पता नहीं चल पाता है तो ध्यान रखें कि उसका रेशा भरा हुआ होना चाहिए। आप भिंडी को किसी जुट की बोरी या फिर बॉक्स के माध्यम से मंडी पहुंचा सकते हैं।

भिंडी की खेती में ध्यान रखने योग्य बातें

·         अगर आप मई-जून में इसकी खेती कर रहे हैं तो इसको सुचारू रूप से पानी दें नहीं तो आपकी भिंडी के पौधे सुख जाएंगे या फिर अच्छी तरह से Grow नहीं कर पाएंगे।

·         Lady Finger Farming Hindi अगर आप करते हैं तो हमेशा एक अच्छी क्वालिटी के पौधे ही लगाएं। आपको मार्किट में अच्छी क्वालिटी का एक भिंडी का पौधा करीब 2 से 4 रुपये के आसपास पड़ सकता है।

·         भिंडी के लिए खेत की तैयारी करते समय आप उसमें NPK का प्रयोग जरूर करें ताकि आपको एक अच्छी फसल मिल सकें।

·         भिंडी की निराई व गुड़ाई पर काफी ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। लगभग 3 से 4 बार ही गुड़ाई की आवश्यकता होती है।

·         भिंडी की सिंचाई पर आपको काफी ध्यान देने की आवश्यकता है लेकिन ध्यान रहें कि पानी की निकासी अच्छी होनी चाहिए। अगर आप ज्यादा पानी देते हैं तो उससे भिंडी की फसल सड़ने ब गलने का खतरा रहता है।

·         भिंडी में समय-समय पर पेस्टिसाइड्स का प्रयोग जरूर करें।

·         अगर भिंडी के पौधे की हाइट काफी चली जाती है तथा आपके आसपास हवा का काफी प्रभाव है तो ऐसे में आप उसकी उचित व्यवस्था जरूर करें।

·         भिंडी की तुड़ाई हमेशा सूर्य जाने के बाद ही करें।

·          

तो दोस्तों आपने इस आर्टिकल में भिंडी की खेती (Bhindi Ki Kheti), Lady Farming In Hindi की संपूर्ण जानकारी दी है। अगर आपकी कोई भी समस्या भिंडी की फार्मिंग से लेकर जुड़ी हो तो आप कमेंट करके जरूर हमें बताएं। ऐसी ही जानकारी के लिए हमें फॉलो जरूर करें।

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